कंप्यूटर की बेसिक बातें

कंप्यूटर की बेसिक बातें

 
कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या मशीन है। सभी मशीनों के समान इसमें भी अंग होते हैं। इन अंगों के द्वारा कंप्यूटर कार्य करता है और डाटा और सूचना को संग्रहित करके संसाधित करता हैं। कंप्यूटर के विभिन्न अंगों का अपना कोई महत्व नहीं होता जब तक कि वे एक दूसरे से जुड़े ना। कंप्यूटर दो घटकों का संग्रह होता है- हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर। 
कंप्यूटर और इससे जुड़े उपकरणों से मिलकर हार्डवेयर बनता है और सॉफ्टवेयर, निर्देशों का वह सेट होता है जिसे कंप्यूटर किसी भी कार्य को करने के लिए उपयोग करता है। 
कंप्यूटर की सहायता से आप कई मीलों दूर रह रहे अपने मित्रों और अपने परिवार से संपर्क कर सकते हैं सूचना संग्रहित कर सकते हैं, रेलवे की टिकट बुक कर सकते हैं, अपने बैंक के खाते का संचालन कर सकते हैं, और कई कार्य आप इसकी सहायता से कर सकते हैं। 

कंप्यूटर के वर्गीकरण-
१. सुपर कंप्यूटर
२. मेनफ्रेम कंप्यूटर
३. नोटबुक और लैपटॉप
४. माइक्रो कंप्यूटर
५. पर्सनल डिजिटल असिस्टेंट
६. टेबलेट
सबसे पहले हम सुपर कंप्यूटर के बारे में बात करते हैं-
सुपर कंप्यूटर–
         सुपर कंप्यूटर सबसे बड़ा और बहुत तेजी से कार्य करने वाला कंप्यूटर होता है। जिस कारण से यह कंप्यूटर अन्य कंप्यूटर की तुलना में अधिक महंगा होता है। यह 1 सेकंड में कई अरबों निर्देशों को संसाधित कर सकता है। भारत का पहला और इकलौता कंप्यूटर, सुपरकंप्यूटर है। सुपर कंप्यूटरों का ज्यादातर उपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी, मौसम विभाग में और सरकारी संस्थाओं में किया जाता है। सुपर कंप्यूटर का उपयोग द्रव्य की गतिशील गणना, परमाणु ऊर्जा अनुसंधान और पेट्रोलियम अन्वेषण में भी होता है। 

मेनफ्रेम कंप्यूटर– 
          यह कंप्यूटर बड़े और महंगे होते हैं तथा यह हजारों उपयोगकर्ताओं को कंप्यूटर पर एक साथ कार्य कराने में सक्षम होते हैं।  यह डाटा को बहुत तेजी से संसाधित करता है और प्रति 1 सेकंड में लाखों निर्देशों को पबरा करता है। इन कंप्यूटरों का उपयोग बीमा कंपनियों, एयरलाइन कंपनियों, बैंकों एवं निर्माण इकाई आदि में होता है। 

नोटबुक और लैपटॉप–
              ‌ एक नोटबुक का वजन 2 पाउंड से भी कम होता है।जो एक बैग में रख सकते हैं और वह आराम से बैग में समा सकता है, लेकिन इसकी गति एक माइक्रो कंप्यूटर के समान ही होती है। नोटबुक के बड़े और भारी संस्करण को लैपटॉप कहते हैं। हो सकता है लैपटॉप आपके घर में हो और आप चलाते भी हो। 
लैपटॉप में टचपैड, कीबोर्ड, सीपीयू एंड मॉनिटर सब एक ही में होता है। 
 
माइक्रो कंप्यूटर–
         यह कंप्यूटर दो समूहों में विभाजित होते हैं:
* निजी कंप्यूटर- यह कंप्यूटर अकेले चलने वाले होते हैं। 
* वर्कस्टेशन-  वर्कस्टेशन विशेष कंप्यूटर होते हैं जो अन्य कंप्यूटरों के नेटवर्क से जुड़े होते हैं। 

पर्सनल डिजिटल असिस्टेंट (पीडीए) –
                               यह हाथ में पकड़ने वाला सबसे छोटा कंप्यूटर होता है। इसे हाथ में पकड़ कर कहीं भी ले जाया जा सकता है। पीडीए का उपयोग मीटिंग के समय और लदान को ट्रैक करने के साथ-साथ नाम और पते का भी ब्यौरा रखा जा सकता है। 

टेबलेट–
   टेबलेट कंप्यूटर मोबाइल के समान ही होता है, लेकिन यह मोबाइल फोन और पीडीए से आकार में बड़ा होता है। इसमें कीबोर्ड की बजाय स्क्रीन को छूने मात्र से कार्य होता है। 
एक कंप्यूटर कैसे कार्य करता है?
कंप्यूटर के कार्य प्रक्रिया की एक तस्वीर नीचे दी गई है:

उदाहरण के लिए आपको यदि कुछ अंकों जैसे- 312, 838 और 945 का कुल योग चाहिए। इस डाटा को कंप्यूटर के कीबोर्ड की मदद से दर्ज करते हैं, और कंप्यूटर को इसका योग करने के लिए निर्देश देते हैं। कंप्यूटर इन अंको और निर्देशों को इनपुट के रूप में लेता है, तथा निर्देशों के अनुसार यह अंक सीपीयू में संसाधित होते हैं, और मॉनिटर में आउटपुट या अंको का योग दिखाई देता है।  यह सब कार्य पलक झपकते ही हो जाता है, और आपको अंको का योग मिल जाता है। 

कंप्यूटर के सभी अंगों अर्थात कंप्यूटर के घटक के बारे में अगले ब्लॉग में आप पढ़ सकते हैं। 
धन्यवाद-
                      

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