अनेक व्यक्ति जूडो कराटे और कुंग-फू को एक ही कला समझते हैं परंतु सच्चाई इससे कोसों दूर हैं जूडो आत्मरक्षा की कला है तो कराटे खाली हाथ हो दूसरे पर वार करने की कला परंतु कुंगफू तो एक ऐसी कला है, जो आदमी को आदमी नहीं मशीन बना देती है, वह खाली हाथ पांव से ही दर्जन डेढ़ दर्जन व्यक्तियों का ना केवल सफलतापूर्वक मुकाबला कर सकता है, उन्हें इस तरह मारपीट कर जमीन सुना सकता है जैसे किसी विशाल बुलडोजर ने छोटे-छोटे पौधों को रौंद डाला हो। यह सत्य है की कुंग फू में दक्षता प्राप्त करने के लिए जूडो कराटे के दांवपेच ओ का अभ्यास और कराटे के समान कठोर हाथ-पांव चाहिए परंतु कुंगफू के लिए तो यह दोनों चीजें मात्र प्रारंभिक चरण या अनिवार्य आवश्यकता की वस्तुएं भर हैं– वास्तविक कुंगफू तो बहुत आगे की मंजिल है, यह सत्य है कि अपनी प्राण रक्षा के लिए अनेक बार व्यक्ति हिंसात्मक उपायों का सहारा लेने के लिए विवश हो जाता है परंतु इस कार्य के लिए जूडो और कराटे ही पर्याप्त रहते हैं, आम आदमी के लिए कुंगफू की कोई खास उपयोगी सिद्ध नहीं होती कराटे खाली हाथों शत्रु से मुकाबला करने और उसे प्राप्त करने की कला है, तो कुंग फू हथियारबंद गुंडों के समूह को धराशाई करने की मॉडर्न टेक्निक कराटे एक साधारण तलवार है, तो कुंग फू एक मशीन गन इन दोनों ही कलाओं में शत्रु को केवल हाथ पैरों का उपयोग करके ही धराशाई कर दिया जाता है और यही कारण है कि दोनों कलाओं में आम आदमी अंतर नहीं कर पाता वह कराटे कह कर ही काम चला लेता है।
जूडो बॉक्सिंग फ्री स्टाइल और भारतीय ढंग की कुश्तियां तो वास्तव में खेल ही हैं, जिन्हें मारधाड़ करने या दूसरे को चोट पहुंचाने के लिए नहीं,मनोरंजन और प्रदर्शन के उद्देश्य से सिखाया और प्रयोग किया जाता है बॉक्सिंग और कराटे का प्रयोग खेल के रूप में तो होता ही है इन्हें शत्रु को चोट पहुंचाने के लिए भी सफलतापूर्वक प्रयोग किया जा सकता है,यही कारण है कि हैवीवेट बॉक्सिंग या घुसे बाजी तथा कराटे मिश्रित जोड़ों को हिंसक खेलो– ऐसे खेल जिसमें प्रतिद्वंदी को चोट मारकर पीड़ा तो पहुंचाई ही जाती है उसकी जान भी जा सकती है, हिंसक खेलों में सम्मिलित किया जाता है परंतु कुंगफू कोई खेल नहीं यह आत्मरक्षा की घातक तकनीक है जो दुश्मनों को ना केवल धारा शायी कर देती है,बल्कि अनेक बार चोट खाने वाले व्यक्ति की मृत्यु भी हो जाती है। यही कारण है कि 1960 से पूर्व तक इस कला का ना तो प्रदर्शन ही किया जाता था नाही सामान्य जनता इसके बारे में कुछ जानती ही थी यह पूरी तरह से एक गुप्त विद्या थी।
कुंगफू की विकास यात्रा व उपयोगिता अगले ब्लॉग में
धन्यवाद
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Karate

Very good 👍
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