दुर्बल अंगों पर प्रहार

स्मरणीय
     आकस्मिक आक्रमण अथवा विरोधी की पकड़ से छुटकारा पाने के लिए सर्वप्रथम निम्नलिखित सिद्धांतों को स्मरण रखना आपके लिए आवश्यक है।
  1. तात्कालिक प्रत्याक्रमण–
                                      विरोधी द्वारा आक्रमण करने से पूर्व ही अथवा उसके आक्रमण करते ही आप तुरंत ही प्रत्यया आक्रमण कीजिए। इससे उसकी पकड़ ढीली पड़ जाएगी। प्रत्ययाक्रमण करने में विलंब नहीं करना चाहिए। 
 2. दुर्बल अंगों पर आक्रमण–
                                       मनुष्य शरीर के सभी अंग सशक्त नहीं होते। शरीर के अनेक भाग ऐसे कमजोर होते हैं, जिन पर प्रहार करके आक्रमणकारी को अशक्त बनाया जा सकता है। इन कमजोर भागों की जानकारी आपके लिए आवश्यक है। अवसर पड़ने पर, इन्हीं भागो पर प्रहार करके विरोधी को पस्त कर दीजिए। यह भाग निम्नलिखित हैं–
1.  कुहनी के जोड़। 
2. घुटनों के जोड़। 
3. कलाई के जोड़। 
4. हाथ के अंगूठे। 
5. हाथ की छोटी (कनिष्ठा) अंगुलिया। 

(क) कुहनी को तथा कलाई को मरोड़ कर अथवा इन पर दबाव डालकर,
(ख) घुटनों की कटोरी पर प्रहार करके अथवा पिंडलियों को मरोड़ कर अथवा उन पर दबाव डालकर, तथा
(ग) अंगूठे और अंगुलियों को पीछे की ओर मोड़कर अथवा मरोड़ कर शत्रु को परास्त किया जा सकता है। 
3. तंत्रिका केंद्रों पर प्रहार –
                                     शरीर के अनेक अंगों पर विभिन्न तंत्रिकाएं (नसें) आकर मिलती हैं। इन केंद्रों पर प्रहार करने अथवा दबाव डालने से शत्रु ना केवल पीड़ित होता है, अपितु मूर्छित भी हो सकता है। इस प्रकार आप सहज में ही उससे छुटकारा पा सकते हैं। तंत्रिका केंद्र निम्नलिखित हैं–
1. नाक की जड़ अर्थात दोनों आंखों के मध्य का भाग। 
2. आंखें। 
3. ऊपरी होंठ। 
4. कान के नीचे का भाग अर्थात कनपटी। 
5. जबड़े की हड्डी से नीचे का भाग। 
6. गर्दन के टेंटुवा वाला स्थान। 
7. सीने पर, हृदय से कुछ ऊपर का भाग। 
8. बगलें अर्थात पसलियों का ऊपरी भाग। 
9. जाॅघें। 
10. पसलियों का निम्न भाग जो कमर से थोड़ा ऊपर है। 
11. दोनों टांगों का संधि स्थल जहां अंडकोष होते हैं। 
12. पिंडली की हड्डी। 
13. पांव के टखनों के समीप ऊपर तथा नीचे के भाग। 
14. पांव की ऊपरी हड्डी, जहां जूतों के फीते बांधे जाते हैं। 

  आगे प्रदर्शित चित्रों में शरीर के कमजोर भागों को प्रदर्शित किया गया है। 

शरीर के अग्रभाग के मर्म स्थल–


1. कनपटी
2. नासिका (नाक)
3. जबड़ा
4. जबड़े का निम्न भाग
5. चिबुक (ठोड़ी)
6. गर्दन का दाया तथा बाया भाग
7. कंठ नली
8. कंधों की मांसपेशियां
9. हंसली
10. छाती का निचला भाग
11. अंतिम पसली का भाग
12. नाभि से नीचे उतर का भाग
13.शिशन तथा अंडकोष
14. कंधे की नोक
15. बगलें
16. कुहनी का जोड़
17. कलाई
18. कलाई तथा हाथ का जोड़
19. कर पृष्ठ
20. अंगुलियां
21. जांघें
22. घुटने
23. घुटनों का निम्न भाग
24. टखने
25. पांव तथा टकने के जोड़ का हिस्सा। 

शरीर के पृष्ठभाग के मर्मस्थल-


१. खोपड़ी का पृष्ठ भाग
२. गर्दन का पृष्ठ भाग
३. गर्दन का निचला भाग
४. पीठ
५. वृक्क
६. नितंब की हड्डी
७. बांह का पृष्ठ भाग
८. कोहनी के पृष्ठ भाग का जोड़
९. घुटने का भाग
१०. पिंडलियों
११. टखने के जोड़ का पृष्ठ भाग

धन्यवाद

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